निजता के अधिकार को सुप्रीम कोर्ट ने माना मौलिक अधिकार, जानें पूरा मामला

आधारकार्ड को विभिन्न योजनाओं से जोडने का मामला, सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
आधार कार्ड को विभिन्न योजनाओं से जोडने के लिए उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होगी। इसके लिए शीर्ष न्यायालय में पांच जजों की बेंच सुनवाई करेगी।निजता के अधिकार पर उच्चतम न्याजयालय ने गुरूवार को फैसला दिया है। अब आधार कार्ड को विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाए या नहीं इसका फैसला पांच जजों की बैंच करेगी। नौ जजों की संविधान पीठ ने 1954 और 1962 में दिए गए फैसलों को पलटते हुए कहा कि आधार कार्ड को लेकर कोर्ट ने कोई फैसला नहीं लिया है। राइट टू प्राइवेसी के मामले में नौ जजों की संविधान पीठ ने केंद्र सरकार से भी सवाल किए थे।

बतादें कि कोर्ट ने कहा, हम जानते हैं कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार का डाटा जमा कर रही है, लेकिन यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि डाटा सुरक्षित रहे. क्या कोर्ट प्राइवेसी की व्याख्या कर सकता है? आप यही कैटलॉग नहीं बना सकते कि किन तत्वों से मिलकर प्राइवेसी बनती है. प्राइवेसी का आकार इतना बड़ा है कि ये हर मुद्दे में शामिल हैं।

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